विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा द्वारा जिले के विभिन्न औद्योगिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष विधिक जागरूकता अभियान आयोजित कर नागरिकों, श्रमिकों और आमजन को बाल श्रम उन्मूलन तथा बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संचालित “स्टेट प्लान ऑफ एक्शन कैलेंडर-2026” के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन माननीय अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती सरोज नन्द दास के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती स्वर्णलता ओम यादव के निर्देशन में किया गया। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों पर विधिक जागरूकता शिविर लगाए गए, जिनमें श्रमिकों और नागरिकों को बाल श्रम से संबंधित कानूनों एवं बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी गई।
अधिकार मित्रों ने शिविरों में उपस्थित लोगों को बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन अपराध है। साथ ही प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस का मुख्य उद्देश्य बाल श्रमिकों को श्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
अभियान के दौरान लोगों से बाल श्रम का बहिष्कार करने तथा कहीं भी बाल मजदूरी दिखाई देने पर संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देने की अपील की गई। इसके अलावा नालसा की विभिन्न योजनाओं, टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, पॉक्सो अधिनियम 2012, हिट एंड रन मुआवजा योजना 2022, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से आयोजित इस अभियान के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण का संदेश जिले के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया गया।
