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एचआरईआरए के आदेशों की अवहेलना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पार्श्वनाथ डेवलपर्स और निदेशकों के बैंक खाते फ्रीज करने का आदेश

पार्श्वनाथ एक्सोटिका परियोजना के घर खरीदारों को दो दशक बाद भी नहीं मिला कब्जा, 17 जुलाई को पेश होने का निर्देश, अनुपालन नहीं होने पर गैर-जमानती वारंट की चेतावनी नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट…

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अंतरराष्ट्रीय कानून की असली कसौटी समान न्याय है: सीजेआई सूर्यकांत

सेंट पीटर्सबर्ग: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून की मजबूती केवल संधियों और संस्थाओं से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि हर देश और…

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सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 : लोकतंत्र में नागरिक की सबसे बड़ी शक्ति

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) एक ऐसी क्रांतिकारी व्यवस्था है जिसने शासन और नागरिक के बीच संबंधों को नई दिशा प्रदान की है। यह कानून नागरिकों…

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बालोद जिला: प्राकृतिक सौंदर्य, आस्था और विकास का संगम – तांदुला बांध, गंगा मैया मंदिर और सियादेवी धाम से समृद्ध छत्तीसगढ़ का उभरता पर्यटन केंद्र

छत्तीसगढ़ का बालोद जिला अपनी प्राकृतिक संपदा, धार्मिक स्थलों और तेजी से विकसित हो रहे प्रशासनिक ढांचे के कारण राज्य के महत्वपूर्ण जिलों में गिना जाता है। 1 जनवरी 2012 को अस्तित्व में…

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बैकुंठपुर जिला: प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक विरासत और कोयला संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण क्षेत्र – घने वनों, राष्ट्रीय उद्यान, जलप्रपातों और विशाल कोयला भंडारों के कारण बैकुंठपुर जिला पर्यटन एवं आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा

छत्तीसगढ़ का बैकुंठपुर जिला अपनी प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक विरासत और खनिज संसाधनों के कारण राज्य के महत्वपूर्ण जिलों में गिना जाता है। यह जिला 22°56′ से 23°48′ उत्तरी अक्षांश तथा 81°56′ से 82°47′…

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अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी और प्राकृतिक पर्यटन का अनमोल केंद्र

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक नगर है, जो सरगुजा जिले का मुख्यालय होने के साथ-साथ सरगुजा संभाग का केंद्र भी है। लगभग 23°12' उत्तरी अक्षांश…

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अदालतों से आगे बढ़कर संवाद की ओर: 90 दिवसीय मध्यस्थता अभियान ने न्याय को दिया मानवीय चेहरा : दुर्ग के 90 दिवसीय मध्यस्थता अभियान ने दिखाया कि हर विवाद का समाधान फैसले से नहीं, बल्कि संवाद, सहमति और विश्वास से भी संभव है। यह पहल केवल मुकदमों के निपटारे तक सीमित नहीं रही, बल्कि न्याय को सामाजिक सद्भाव से जोड़ने का प्रयास बनी।

भारत की न्यायिक व्यवस्था आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां न्याय की उपलब्धता और न्याय की गति, दोनों ही गंभीर चर्चा के विषय हैं। देशभर की अदालतों में करोड़ों मामले लंबित…

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छत्तीसगढ़ में निजी विश्वविद्यालयों का बढ़ता दायरा: क्या उच्च शिक्षा के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है राज्य?

भारत में उच्च शिक्षा का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। एक समय था जब उच्च शिक्षा के लिए छात्रों की पहली पसंद केवल सरकारी विश्वविद्यालय और पारंपरिक शिक्षण संस्थान हुआ करते थे,…

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सेमीकंडक्टर निर्माण की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़: औद्योगिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

छत्तीसगढ़ लंबे समय से अपनी खनिज संपदा, इस्पात उद्योग और ऊर्जा उत्पादन के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब राज्य एक नई औद्योगिक क्रांति की दहलीज पर खड़ा दिखाई देता है। नवा…

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नैनो डीएपी: क्या कम लागत में अधिक उत्पादन की दिशा में यह भारतीय कृषि की नई क्रांति है?

भारतीय कृषि आज दोहरी चुनौती का सामना कर रही है। एक ओर किसानों पर बढ़ती उत्पादन लागत का दबाव है, वहीं दूसरी ओर भूमि की उर्वरता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता…