दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी क्षेत्र में फ्लोरिश स्टेज़ बी एंड बी होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में गिरफ्तार रसोइए केसर नेगी को अदालत से राहत नहीं मिली है। साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भानु प्रताप सिंह ने सोमवार को नेगी की जमानत याचिका खारिज कर उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, मामले की जांच को देखते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज की पुलिस हिरासत भी दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह हुए इस दर्दनाक अग्निकांड में 13 विदेशी नागरिकों सहित कुल 22 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज और होटल में कार्यरत रसोइए केसर नेगी को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया था।
दक्षिण जिला अदालत में दायर अपनी जमानत याचिका में केसर नेगी ने दावा किया कि उसे होटल प्रबंधन की कथित सुरक्षा संबंधी विफलताओं का बलि का बकरा बनाया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि वह केवल वेतनभोगी शेफ था और होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, वैधानिक अनुपालनों या संचालन संबंधी निर्णयों में उसकी कोई भूमिका नहीं थी।
नेगी की ओर से यह भी कहा गया कि होटल में एलपीजी सिलेंडरों का अनुचित उपयोग, रबर पाइपों के माध्यम से गैस कनेक्शन, अग्निशमन यंत्रों, अलार्म, स्प्रिंकलर, आपातकालीन निकास तथा वैध फायर एनओसी जैसी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव पूरी तरह से होटल मालिकों और प्रबंधन की जिम्मेदारी थी।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि आग एक विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिससे पाइप पिघल गए और गैस रिसाव हुआ। नेगी ने दावा किया कि बिजली संबंधी समस्या का पता चलते ही उसने सावधानी बरतते हुए बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। उसने इस आरोप से भी इनकार किया कि वह आग लगने के बाद अन्य लोगों को सूचना दिए बिना मौके से भाग गया था।
अधिवक्ता दीपक प्रकाश, श्रीराम परक्कट, दिव्यांगना मलिक, प्रियंवदा सोलंकी और हर्षित शर्मा द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि उत्तराखंड निवासी केसर नेगी वृद्ध एवं अस्वस्थ व्यक्ति है तथा जमानत के लिए निर्धारित सभी मानकों को पूरा करता है। इसके बावजूद अदालत ने उसकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत के इस आदेश के बाद केसर नेगी फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहेगा, जबकि पुलिस होटल में हुई सुरक्षा चूकों और अग्निकांड की परिस्थितियों की विस्तृत जांच जारी रखे हुए है।
