छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय जस्टिस रमेश सिन्हा का न्यायिक जीवन समर्पण, उत्कृष्टता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनका जन्म 5 सितंबर 1964 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय टी. एन. सिन्हा एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता थे, जिन्हें 16 अगस्त 1990 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद की शपथ लेनी थी, लेकिन शपथ ग्रहण से कुछ दिन पहले 11 अगस्त 1990 को उनका निधन हो गया।
जस्टिस रमेश सिन्हा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ स्कूल, इलाहाबाद से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1985 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कला स्नातक (बी.ए.) तथा वर्ष 1990 में एलएल.बी. की डिग्री हासिल की। 8 सितंबर 1990 को उन्होंने अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया और इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की।
अपने विधिक करियर के दौरान उन्होंने संवैधानिक, दीवानी और आपराधिक मामलों में व्यापक रूप से प्रैक्टिस की। वे विभिन्न निजी एवं सार्वजनिक उपक्रमों की ओर से अधिवक्ता के रूप में भी पेश हुए और कानूनी क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
21 नवंबर 2011 को उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 6 अगस्त 2013 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। जनवरी 2021 में वे इलाहाबाद से लखनऊ खंडपीठ में स्थानांतरित हुए और 20 अक्टूबर 2021 से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त होने तक इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ पीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने लगभग 1.34 लाख मामलों का निस्तारण किया, जो उनकी कार्यकुशलता और न्यायिक दक्षता को दर्शाता है।
29 मार्च 2023 को जस्टिस रमेश सिन्हा ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। उनके नेतृत्व में न्यायिक प्रशासन को मजबूती मिली है और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।
