तेलंगाना हाईकोर्ट ने 28.09 लाख रुपये की वैट मांग रद्द की, कंपोजिशन स्कीम की अनदेखी पर लगाई रोक

The Rajpatra Law


तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 28.09 लाख रुपये की वैट मांग को रद्द करते हुए कहा कि यदि कोई वर्क्स कॉन्ट्रैक्टर वैधानिक कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुन चुका है और कानून के अनुसार आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर चुका है, तो उनकी अनदेखी कर किया गया बेस्ट जजमेंट असेसमेंट कानूनी रूप से टिक नहीं सकता।

न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी और न्यायमूर्ति नंदिकोंडा नरसिंग राव की खंडपीठ ने कहा कि चैतन्य एंटरप्राइजेज ने आंध्र प्रदेश वैट अधिनियम, 2005 की धारा 4(7)(b) के तहत कंपोजिशन स्कीम अपनाई थी और नियम 31(2) के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इसके बावजूद कर निर्धारण अधिकारी ने उन अभिलेखों और आपत्तियों पर विचार किए बिना आदेश पारित कर दिया।

हाईकोर्ट ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत और गैर-विचारित आदेश बताते हुए 6 जुलाई 2009 के असेसमेंट आदेश को रद्द कर दिया तथा याचिका स्वीकार किया।