बिलासपुर, 4 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Justice Ramesh Sinha का कार्यकाल 4 सितंबर 2026 को पूरा हो रहा है। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने 29 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। उनका जन्म 5 सितंबर 1964 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा का संबंध एक प्रतिष्ठित कानूनी परिवार से है। उनके पिता स्वर्गीय टी.एन. सिन्हा भी इलाहाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता थे और उन्हें 16 अगस्त 1990 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ लेनी थी, लेकिन इससे कुछ दिन पहले 11 अगस्त 1990 को संक्षिप्त बीमारी के बाद उनका निधन हो गया।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ स्कूल, इलाहाबाद से प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 1985 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कला में स्नातक की डिग्री और वर्ष 1990 में विधि की डिग्री हासिल की। इसके बाद 8 सितंबर 1990 को अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया और इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की।
अपने अधिवक्ता जीवन के दौरान उन्होंने संवैधानिक, दीवानी और आपराधिक मामलों सहित कानून की विभिन्न शाखाओं में पैरवी की। उन्होंने कई निजी एवं सार्वजनिक उपक्रमों का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता के रूप में किया।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा को 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। इसके बाद 6 अगस्त 2013 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 18 जनवरी 2021 को वे इलाहाबाद से लखनऊ पीठ में न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित हुए और 20 अक्टूबर 2021 से मुख्य न्यायाधीश नियुक्त होने तक इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में वरिष्ठ न्यायाधीश रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने लगभग 1,34,200 मामलों का निस्तारण किया। न्यायिक सेवा के लंबे अनुभव के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और उन्होंने 29 मार्च 2023 को पद की शपथ ली।
4 सितंबर 2026 को उनकी सेवानिवृत्ति के साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। 5 सितंबर 1964 को जन्मे न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की न्यायिक यात्रा में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में शुरुआत से लेकर उसी न्यायिक परंपरा से जुड़े उच्च न्यायिक पदों और अंततः छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा देने तक का महत्वपूर्ण अध्याय शामिल है।
