केंद्र सरकार ने मद्रास, कलकत्ता, कर्नाटक और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कुल 30 न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की।

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के चार उच्च न्यायालयों में कुल 30 न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है। इन नियुक्तियों में मद्रास हाईकोर्ट में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ 10 अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति शामिल है। इसके अलावा कलकत्ता हाईकोर्ट में आठ, कर्नाटक हाईकोर्ट में छह और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति की गई है।

इन नियुक्तियों का उद्देश्य उच्च न्यायालयों में न्यायिक क्षमता को मजबूत करना, लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाना और न्यायिक रिक्तियों के कारण उत्पन्न कार्यभार को कम करना है।

मद्रास हाईकोर्ट में पांच न्यायाधीश नियुक्त

केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार गोविंदराजन कृष्णास्वामी, रजनीश पथियिल, रमेश नटराजन, जी.के. मुथुकुमार और रामकृष्णन राजेश विवेकानंथन को मद्रास हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा मद्रास हाईकोर्ट में 10 अतिरिक्त न्यायाधीशों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें रवीकुमार शंकरनारायणन, दिलीप कुमार नागराजन, एलप्पन मनोहरन, डॉ. पी. मुरुगन, एम.डी. सुमति, एस. अल्ली, सी. थिरुमगल, शनमुगम कार्तिकेयन, मुरुगेसन बालुचामी और एन. गुणसेकरन शामिल हैं।

अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति उच्च न्यायालयों में बढ़ते न्यायिक कार्यभार और लंबित मामलों के निपटारे की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए की जाती है। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उनके प्रदर्शन और अन्य आवश्यक पहलुओं के आधार पर आगे स्थायी नियुक्ति पर विचार किया जा सकता है।

कलकत्ता हाईकोर्ट में आठ अतिरिक्त न्यायाधीश

कलकत्ता हाईकोर्ट में आठ अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। इनमें आर्यक दत्त, अतारुप बनर्जी, संदीप कुमार डे, पार्थ प्रतिम रॉय, सुदीप देब, अनुज सिंह, अर्जुन रे मुखर्जी और रिशद मेदोरा शामिल हैं।

इन नियुक्तियों से कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों की सुनवाई और निपटारे की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। न्यायिक संख्या में वृद्धि से विभिन्न प्रकार के दीवानी, आपराधिक और संवैधानिक मामलों की सुनवाई में भी सहायता मिलेगी।

कर्नाटक हाईकोर्ट को मिले छह अतिरिक्त न्यायाधीश

कर्नाटक हाईकोर्ट में छह अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। इनमें राघवेंद्र सीताराम श्रीवत्स, हेमा कुलकर्णी, सुब्रमण्यम रंगाराव, विवेकानंद थडागवाड़ी प्रकाश, प्रमोद बक्केश्वर और शांति भूषण होम्बे गौड़ा शामिल हैं।

इन नियुक्तियों से कर्नाटक हाईकोर्ट में लंबित दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक और वाणिज्यिक मामलों की सुनवाई के लिए न्यायिक क्षमता बढ़ेगी।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अमित लाहोटी अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त

अमित लाहोटी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उच्च न्यायालयों में न्यायिक रिक्तियों को भरने और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के केंद्र सरकार के प्रयास का हिस्सा है।

न्यायिक रिक्तियों से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के पद रिक्त रहने का सीधा प्रभाव लंबित मामलों की संख्या और मामलों के समयबद्ध निपटारे पर पड़ता है। न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से मामलों के प्रभावी वितरण और सुनवाई की गति में सुधार हो सकता है।

संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। वहीं अनुच्छेद 224 उच्च न्यायालयों में अतिरिक्त और कार्यवाहक न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान करता है।

नवनियुक्त न्यायाधीश आवश्यक संवैधानिक और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अपने पद का कार्यभार संभालेंगे। इन नियुक्तियों से संबंधित उच्च न्यायालयों की न्यायिक क्षमता मजबूत होने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।