नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आयोजित तीन दिवसीय स्पेशल लोक अदालत के पहले दिन 400 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया। यह पहल “समाधान समारोह” के तहत आयोजित की जा रही है। निपटाए गए मामलों में वैवाहिक और संपत्ति विवाद, मोटर दुर्घटना दावे, भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा मामले, कर विवाद तथा सेवा और श्रम से जुड़े मामले शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य मध्यस्थता और विवादों के आपसी सहमति से समाधान जैसे वैकल्पिक तरीकों को बढ़ावा देना है। अदालत ने कहा कि ऐसे प्रयास न्याय वितरण प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लंबित मामलों के शीघ्र समाधान में मदद करते हैं।
स्पेशल लोक अदालत में 600 से अधिक मामले सूचीबद्ध किए गए थे, जिनकी सुनवाई के लिए 16 विशेष पीठों का गठन किया गया। प्रत्येक पीठ में सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीश शामिल रहे। वरिष्ठ अधिवक्ताओं, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड और अन्य अधिवक्ताओं ने भी मामलों के समाधान में सहयोग किया।
तीन दिवसीय स्पेशल लोक अदालत की शुरुआत कल हुई थी और यह कल तक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट की यह पहल लंबित विवादों को सहमति और समझौते के माध्यम से शीघ्र निपटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
