पंचायत कर्मचारियों को पेंशन पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

JUSTICE BIBHU DATTA GURU, JUDGE HIGH COURT OF CHHATTISGARH

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पंचायत कर्मचारियों की पेंशन से जुड़ी याचिकाओं के एक बैच को खारिज करते हुए कहा है कि केवल लंबे समय तक सेवा करने या अन्य पंचायतों में पेंशन दिए जाने के आधार पर पेंशन का कानूनी अधिकार नहीं बनता। न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु ने फैसले में कहा कि पेंशन के लिए स्पष्ट वैधानिक प्रावधान या लागू पेंशन योजना होना जरूरी है।

याचिकाकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 131 का हवाला देते हुए पेंशन की मांग की थी। उन्होंने कुछ अन्य जनपद पंचायतों में कर्मचारियों को पेंशन मिलने का भी उल्लेख किया। राज्य सरकार ने कहा कि पंचायत कर्मचारी राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं हैं और उन पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 लागू नहीं होते।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी जनपद पंचायत द्वारा स्थानीय स्तर पर पेंशन का भुगतान किए जाने से दूसरे कर्मचारियों के लिए वैधानिक पेंशन अधिकार पैदा नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि “जहां लागू कानून किसी लाभ का अधिकार नहीं देता, वहां अदालत केवल वांछनीय मानते हुए उस लाभ का आदेश नहीं दे सकती।”