छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2016 दुष्कर्म मामले में बरी आरोपी को दी राहत, राज्य की अपील खारिज

High Court of Chhattisgarh - Bilaspur

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 के दुष्कर्म मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। पीड़िता के बयान में घटना स्थल को लेकर महत्वपूर्ण विरोधाभास पाए गए, जबकि चिकित्सीय और फोरेंसिक साक्ष्य भी आरोपों की पुष्टि नहीं कर सके। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल तभी दोषसिद्धि की जा सकती है जब पीड़िता की गवाही पूरी तरह विश्वसनीय और सुसंगत हो। अदालत ने माना कि ट्रायल कोर्ट का फैसला न तो मनमाना था और न ही कानून के विपरीत, इसलिए उसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।