दुर्ग जिले के उद्यमियों, व्यापारियों और औद्योगिक क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर है। जिले से जुड़े वाणिज्यिक विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निपटारे के उद्देश्य से राज्य शासन ने विशेष वाणिज्यिक न्यायालय स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पहल माननीय मंत्री श्री गजेंद्र यादव के प्रयासों से साकार हो रही है।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले से उत्पन्न होने वाले वाणिज्यिक मामलों की सुनवाई अब चतुर्थ सिविल जज (सीनियर डिवीजन), दुर्ग के न्यायालय में की जाएगी। वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 3 की उपधारा (1), (1-ए), (2) एवं (3) के प्रावधानों के तहत इस न्यायालय को सिविल जज स्तर के विशेष वाणिज्यिक न्यायालय के रूप में नामित करने के लिए अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इस निर्णय से व्यापार एवं उद्योग से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटारे का मार्ग प्रशस्त होगा। वाणिज्यिक विवादों का समयबद्ध समाधान होने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जिले के औद्योगिक एवं व्यावसायिक वातावरण को अधिक मजबूत और निवेश के अनुकूल बनाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
