लुधियाना में सीवर लाइन की सफाई के दौरान तीन श्रमिकों की मौत और दो अन्य के घायल होने की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा बताते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और लुधियाना के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 1 जून 2026 को लुधियाना जिले की एक फैक्ट्री में रासायनिक अपशिष्ट के निस्तारण के लिए उपयोग की जाने वाली सीवर लाइन की सफाई के दौरान यह हादसा हुआ। बताया गया है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने श्रमिकों को सीवर साफ करने के लिए लगाया था। श्रमिक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतरे, जहां जहरीली गैसों के संपर्क में आने से उनकी हालत बिगड़ गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, तीन श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी सहायता कर रहे दो अन्य कर्मचारी बेहोश हो गए। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
NHRC ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावे सही पाए जाते हैं, तो यह मामला मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का संकेत देता है। आयोग ने राज्य सरकार से घटना की जांच की वर्तमान स्थिति, घायलों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा पीड़ितों और उनके परिजनों को दी गई या घोषित की गई मुआवजा राशि का विवरण मांगा है।
यह घटना एक बार फिर सीवर और सीवेज लाइनों की सफाई के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कार्यों में सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है, ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
