राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले स्थित एक निजी झींगा प्रसंस्करण फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव से दो महिला श्रमिकों की मौत और कई अन्य के बीमार होने की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। यह हादसा 21 जून 2026 को हुआ था, जब श्रमिक पास के एक कमरे में आराम कर रहे थे।
आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित तथ्य सही हैं, तो यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का मामला है। NHRC ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने प्रभावित श्रमिकों की स्वास्थ्य स्थिति और मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा घोषित राहत राशि के भुगतान की जानकारी भी मांगी है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गैस रिसाव के बाद 59 श्रमिकों को चेन्नई और तिरुवल्लुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
