कोंडागांव। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव श्री खिलावन राम रिगरी के मार्गदर्शन तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव सुश्री गायत्री साय के निर्देशन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रांधना में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अधिकार मित्र धनबती कोर्राम एवं पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना, भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्यों, बाल अधिकार, शिक्षा का अधिकार, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम तथा महिलाओं एवं बच्चों के कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कानून की बुनियादी जानकारी के साथ उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया।
पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों ने साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय, सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग, यातायात नियमों का पालन तथा नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में उपयोगी जानकारी साझा की। विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह भी दी गई।
अधिकार मित्र धनबती कोर्राम ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक नागरिक के लिए कानून की जानकारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों से परिचित होता है, तब वह न केवल अपने हितों की रक्षा कर सकता है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी प्रभावी ढंग से निर्वहन करता है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक साक्षरता को बढ़ावा देना, उन्हें कानून के प्रति जागरूक बनाना तथा सुरक्षित, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
