छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट प्रशासन ने ईंधन संकट और अन्य कारणों से पिछले महीने लागू की गई अस्थायी व्यवस्थाओं को वापस लेने का निर्णय लिया है। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल (प्रभारी) द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार 15 जून 2026 से हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यवाही और प्रशासनिक गतिविधियां पुनः पूर्ववत व्यवस्था के तहत संचालित होंगी।
हाईकोर्ट प्रशासन ने 19 मई 2026 को जारी किए गए उस सर्कुलर को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत ईंधन बचत के उद्देश्य से कई प्रतिबंध और विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई थीं। पूर्व आदेश के अनुसार मामलों की सुनवाई के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी गई थी तथा कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी प्रदान की गई थी। अब इन व्यवस्थाओं को समाप्त करते हुए अदालत की नियमित कार्यप्रणाली बहाल की जा रही है।
नए निर्देशों के अनुसार न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से कार्यालय उपस्थित होना होगा। साथ ही वाहनों के उपयोग को लेकर भी पहले जारी की गई बचत संबंधी सलाहों में ढील दी गई है। हालांकि प्रशासन ने अधिकारियों से अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने और जहां तक संभव हो, सरकारी वाहनों को साझा करने की अपील जारी रखी है।
