माल परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण फैसले में कस्टम्स, एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (सीईएसटीएटी), नई दिल्ली ने राजस्थान की परिवहन कंपनी बेस्ट रोड कैरियर्स के खिलाफ जारी ₹2.08 करोड़ की सेवा कर मांग को रद्द कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि यदि कोई परिवहनकर्ता केवल सड़क मार्ग से माल ढुलाई करता है और ‘कंसाइनमेंट नोट’ जारी नहीं करता, तो उसे गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसी (GTA) नहीं माना जा सकता और ऐसी गतिविधि सेवा कर के दायरे में नहीं आती।
मामला वित्तीय वर्ष 2014-15 से जुड़ा है। आयकर विभाग से प्राप्त टीडीएस आंकड़ों के आधार पर जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग ने आरोप लगाया था कि बेस्ट रोड कैरियर्स को लगभग ₹16.90 करोड़ का भुगतान प्राप्त हुआ, जिस पर कंपनी ने सेवा कर का भुगतान नहीं किया। विभाग ने अनुमान लगाया कि कंपनी पर ₹2.08 करोड़ सेवा कर देय था और इसके लिए वर्ष 2019 में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बाद में जनवरी 2022 में पारित आदेश के जरिए कर, ब्याज और दंड की मांग की पुष्टि कर दी गई थी।
अपील में कंपनी ने तर्क दिया कि वह केवल सड़क मार्ग से माल परिवहन का कार्य करती है और गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसी के रूप में कार्य नहीं करती। कंपनी ने कहा कि वह कंसाइनमेंट नोट जारी नहीं करती, न ही लोडिंग, अनलोडिंग, वेयरहाउसिंग या अन्य सहायक लॉजिस्टिक सेवाएं प्रदान करती है। इसलिए उसकी गतिविधियां वित्त अधिनियम, 1994 की धारा 66D(प) के तहत नकारात्मक सूची (Negative List) में आती हैं और उन पर सेवा कर लागू नहीं होता।
विभाग का कहना था कि कंपनी GTA सेवा प्रदाता के रूप में पंजीकृत थी और उसने अपने सेवा कर रिटर्न में संबंधित कारोबार का खुलासा नहीं किया। विभाग ने यह भी तर्क दिया कि कंपनी की वास्तविक प्राप्तियां आयकर विभाग से प्राप्त जानकारी के बाद ही सामने आईं।
न्यायिक सदस्य डॉ. रचना गुप्ता और तकनीकी सदस्य हेमाम्बिका आर. प्रिया की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी संस्था को GTA मानने के लिए दो शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। पहली, वह सड़क मार्ग से माल परिवहन की सेवा प्रदान करे और दूसरी, वह कंसाइनमेंट नोट जारी करे। ट्रिब्यूनल ने कहा कि कंसाइनमेंट नोट जारी करना GTA की पहचान का मूल तत्व है और इसके बिना किसी परिवहनकर्ता को GTA नहीं माना जा सकता।
रिकॉर्ड के परीक्षण के बाद पीठ ने पाया कि बेस्ट रोड कैरियर्स न तो कैरिज बाय रोड एक्ट के तहत पंजीकृत थी और न ही वह कंसाइनमेंट नोट जारी करती थी। कंपनी केवल तय मालभाड़ा वसूलती थी और माल की लोडिंग, अनलोडिंग तथा अन्य संबंधित कार्य किसी अन्य संस्था द्वारा किए जाते थे। विभाग भी यह साबित नहीं कर सका कि कंपनी ने साधारण माल परिवहन से आगे बढ़कर कोई अतिरिक्त सेवा प्रदान की हो।
अपने फैसले में ट्रिब्यूनल ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि “कर योग्य सेवा केवल वे सेवाएं हैं जो माल परिवहन से संबंधित अतिरिक्त गतिविधियों के रूप में प्रदान की जाती हैं, जबकि सड़क मार्ग से माल का वास्तविक परिवहन स्वयं कर योग्य नहीं है।” पीठ ने यह भी कहा कि जब तक कंसाइनमेंट नोट जारी नहीं किया जाता, तब तक परिवहनकर्ता को GTA नहीं माना जा सकता।
पूर्व के कई न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए ट्रिब्यूनल ने निष्कर्ष निकाला कि बेस्ट रोड कैरियर्स की गतिविधियां केवल सड़क मार्ग से माल परिवहन तक सीमित थीं, जो धारा 66D(प) के तहत नकारात्मक सूची में शामिल हैं। इसलिए विभाग द्वारा लगाया गया सेवा कर कानूनन टिकाऊ नहीं है। इसी आधार पर मूल आदेश को रद्द करते हुए अपील स्वीकार कर ली गई।
यह फैसला परिवहन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि केवल माल ढुलाई करने वाले ट्रक ऑपरेटरों और गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसियों के बीच कानूनी अंतर क्या है। भविष्य में ऐसे मामलों में विभाग को केवल भुगतान या टीडीएस आंकड़ों के आधार पर कर मांग उठाने के बजाय यह भी साबित करना होगा कि संबंधित परिवहनकर्ता वास्तव में GTA की कानूनी परिभाषा में आता है।
मामला: M/s Best Road Carriers v. Principal Commissioner of CGST, Alwar
