मुंबई में लंबे समय से अटकी आवासीय परियोजना Godrej Avenue Eleven – Tower B से जुड़े दो होमबायर्स को बड़ी राहत देते हुए महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (MahaRERA) ने परियोजना के वर्तमान प्रमोटर को बिक्री समझौता (Agreement for Sale) निष्पादित करने और विलंबित कब्जे पर ब्याज देने का निर्देश दिया है।
मामला उन खरीदारों से जुड़ा है जिन्होंने वर्ष 2010 में परियोजना में फ्लैट बुक किए थे और करोड़ों रुपये का भुगतान भी कर दिया था। इसके बावजूद डेवलपर ने न तो समय पर बिक्री समझौता पंजीकृत किया और न ही तय समय पर फ्लैट का कब्जा दिया। बाद में परियोजना का अधिग्रहण नए प्रमोटर ने कर लिया और इसका नाम बदलकर Godrej Avenue Eleven कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान वर्तमान प्रमोटर ने तर्क दिया कि खरीदारों के साथ कोई पंजीकृत बिक्री समझौता नहीं था, इसलिए वे RERA के तहत “अलॉटी” नहीं माने जा सकते। हालांकि MahaRERA ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि खरीदारों ने पर्याप्त भुगतान किया था, उनकी बुकिंग लगातार स्वीकार की गई थी और उन्हें विशेष फ्लैट आवंटित किए गए थे। इसलिए वे RERA कानून के तहत अलॉटी हैं।
प्राधिकरण ने पाया कि डेवलपर ने कानून के विपरीत 20 प्रतिशत से अधिक राशि प्राप्त करने के बावजूद बिक्री समझौता नहीं किया। साथ ही, परियोजना के नए प्रमोटर पर भी पुराने प्रमोटर की कानूनी जिम्मेदारियां लागू रहेंगी।
MahaRERA ने माना कि खरीदारों को 31 दिसंबर 2022 तक कब्जा मिलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक परियोजना को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिला है। इसलिए प्राधिकरण ने 1 जनवरी 2023 से वास्तविक कब्जा मिलने तक खरीदारों को RERA नियमों के अनुसार ब्याज देने का आदेश दिया। साथ ही 60 दिनों के भीतर बिक्री समझौता पंजीकृत करने और प्रत्येक शिकायतकर्ता को 20,000 रुपये मुकदमा खर्च देने का भी निर्देश दिया गया है।
यह फैसला उन हजारों होमबायर्स के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिनकी परियोजनाएं प्रमोटर बदलने या लंबे विलंब का सामना कर रही हैं। MahaRERA ने स्पष्ट किया कि प्रमोटर बदल जाने से खरीदारों के वैधानिक अधिकार समाप्त नहीं होते।
