पंजाब में आवारा कुत्तों के हमले में 8 वर्षीय बच्ची की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त, मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट

National Human Rights Commission

नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पंजाब के रूपनगर जिले में आवारा कुत्तों के हमले में 8 वर्षीय बच्ची की मौत की घटना का स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लिया है। आयोग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए पंजाब के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 10 जून 2026 को रूपनगर जिले में एक आठ वर्षीय बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। स्थानीय लोगों ने बच्ची को कुत्तों से बचाकर तुरंत उपचार के लिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर (PGIMER) ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

NHRC ने कहा है कि समाचार रिपोर्ट में वर्णित तथ्यों की पुष्टि होने पर यह मामला मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर विषय प्रतीत होता है। आयोग ने पंजाब सरकार से घटना के संबंध में की गई कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी मांगी है।

रिपोर्ट के अनुसार, मृतक बच्ची आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखती थी। उसके पिता का लगभग चार वर्ष पहले निधन हो चुका था और उसकी मां घरेलू सहायिका के रूप में कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करती है।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने भी क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने तथा बच्चों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

अब सभी की नजरें पंजाब सरकार की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसे NHRC के समक्ष दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाना है। आयोग मामले की जांच और प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा।