सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें आधार कार्ड के नागरिकता, निवास (डोमिसाइल) और पते के प्रमाण के रूप में कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी करते हुए उनसे इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी।
याचिका में मांग की गई है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान सत्यापन (Identity Verification) तक सीमित रखा जाए और इसे नागरिकता या डोमिसाइल के प्रमाण के रूप में स्वीकार न किया जाए।
याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि फॉर्म-6 के तहत मौजूदा सत्यापन व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और इससे बिना उचित दस्तावेज वाले व्यक्तियों के नाम भी मतदाता सूची (इलेक्टोरल डेटाबेस) में शामिल होने की आशंका बनी रहती है।
