पटना फायरिंग मामले में खान सर को बड़ी राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई अंतरिम रोक

The Rajpatra Law

चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर को पटना की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। पटना की जिला एवं सत्र अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज फायरिंग मामले में अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 जून को निर्धारित की है।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और पुलिस को केस डायरी तथा याचिकाकर्ता के आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय होने तक खान सर के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। हालांकि, जांच एजेंसी को उनसे पूछताछ करने और कानून के अनुसार जांच जारी रखने की अनुमति दी गई है।

यह मामला 2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के बाहर हुई हिंसक घटना से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार 15 से 20 लोगों की भीड़ ने कोचिंग संस्थान के बाहर जमावड़ा किया, परिसर में तोड़फोड़ की, पथराव किया और संस्थान के एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें संस्थान से जुड़े सुरक्षा कर्मियों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने का दावा किया गया।

घटना के आधार पर कदमकुआं थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं, जिनमें हत्या के प्रयास की धारा भी शामिल है, तथा शस्त्र अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कोचिंग संस्थान के सुरक्षा कर्मियों ने उपद्रव कर रहे लोगों पर खान सर और उनके सहयोगियों के कहने पर गोली चलाई।

पुलिस ने 4 जून को संस्थान के दो सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से कथित रूप से इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए गए, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। दोनों सुरक्षा गार्ड वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

खान सर की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार माववर ने अदालत में दलील दी कि फायरिंग आत्मरक्षा में की गई थी। उनका कहना था कि सुरक्षा कर्मियों ने संस्थान पर हुए हमले के दौरान वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुलिस के पहुंचने तक स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए यह कदम उठाया। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि फायरिंग का उद्देश्य किसी प्रकार का भय, आतंक या सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाना नहीं था।

इस मामले ने पटना के कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद को भी हवा दे दी है। खान सर ने आरोप लगाया है कि एक प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों ने उनके संस्थान पर हमला कराया था। वहीं, प्रतिद्वंद्वी संस्थान के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि पूरी घटना को खान सर की ओर से सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि फायरिंग संस्थान के भीतर से कराई गई थी। खान सर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

इसी मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के निदेशक रोशन आनंद की नियमित जमानत याचिका पर भी पटना की अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। रोशन आनंद पर खान ग्लोबल स्टडीज के एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट करने का आरोप है। अदालत ने दोनों गिरफ्तार सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई की और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों का क्रमवार विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 जून को तय की है।