छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि राजस्व आदेश की समीक्षा की अनुमति संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना नहीं दी जा सकती। जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने 19 अगस्त 2026 को ईश्वर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दुर्ग संभाग आयुक्त के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कलेक्टर को 17 सितंबर 2018 के आदेश की समीक्षा की अनुमति दी गई थी।
कोर्ट ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 51 का हवाला देते हुए कहा कि समीक्षा की अनुमति देने से पहले प्रभावित पक्ष को नोटिस और सुनवाई का अवसर देना जरूरी है। अदालत ने माना कि आयुक्त ने बिना सुनवाई के और न्यायिक विवेक का उचित प्रयोग किए बिना अनुमति दी थी।
हाईकोर्ट ने मामला दोबारा आयुक्त, दुर्ग संभाग को भेजते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता और संबंधित पक्ष को सुनने के बाद तीन महीने के भीतर समीक्षा की अनुमति के संबंध में नया आदेश पारित किया जाए।
