मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग में लंबे समय से रिक्त पर्यवेक्षक के 50 पदों पर सीधी भर्ती को मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग ने 13 अगस्त 2026 को इन पदों पर भर्ती के लिए विधिवत सहमति प्रदान की। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों के बाद भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ है।
पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण संबंधी अभियानों की निगरानी और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लंबे समय से पद रिक्त होने के कारण विभागीय अमले पर कार्य का दबाव बना हुआ था। अब 50 नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से योजनाओं की निगरानी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व में विभाग को यह महत्वपूर्ण स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों की कमी के कारण जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था के सामने आ रही चुनौतियां अब दूर होंगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार माताओं और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। नई नियुक्तियों से विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और प्रदेश में आंगनबाड़ी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
वित्त विभाग से मिली भर्ती की सहमति
महिला एवं बाल विकास संचालनालय ने पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन से अनुमति मांगी थी। विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई। इसके बाद वित्त विभाग ने 13 अगस्त 2026 को 50 पर्यवेक्षक पदों पर सीधी भर्ती के लिए सहमति प्रदान की। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आवश्यक आदेश जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार के इस निर्णय से एक ओर महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के संचालन और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की योग्य युवतियों और महिलाओं के लिए शासकीय सेवा में रोजगार का अवसर भी उपलब्ध होगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों और विभागीय योजनाओं की मैदानी निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
