आरबीआई रिपोर्ट: वित्त वर्ष 2025-26 में सूचीबद्ध निजी कंपनियों की बिक्री 10.1% बढ़ी, विनिर्माण क्षेत्र बना वृद्धि का प्रमुख आधार

Reserve Bank of India - RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निजी कॉरपोरेट कारोबारी क्षेत्र के प्रदर्शन पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, सूचीबद्ध निजी गैर-सरकारी गैर-वित्तीय (एनजीएनएफ) कंपनियों की कुल बिक्री में 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले दो वर्षों के बाद यह पहली बार है जब इन कंपनियों की बिक्री वृद्धि दोहरे अंक में पहुंची है।

आरबीआई ने 4,278 सूचीबद्ध कंपनियों के संक्षिप्त वित्तीय परिणामों के विश्लेषण के आधार पर बताया कि इस वृद्धि में सबसे बड़ी भूमिका विनिर्माण क्षेत्र की रही। इस क्षेत्र की बिक्री वृद्धि वित्त वर्ष 2024-25 के 6.0 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 10.8 प्रतिशत हो गई। वाहन, विद्युत मशीनरी, खाद्य एवं पेय पदार्थ तथा रसायन उद्योगों ने इस वृद्धि का नेतृत्व किया, जबकि पेट्रोलियम क्षेत्र में बिक्री में गिरावट का सिलसिला जारी रहा।

सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों की बिक्री वृद्धि 7.1 प्रतिशत से बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई। वहीं, गैर-आईटी सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने थोक और खुदरा व्यापार में मजबूत प्रदर्शन के दम पर दोहरे अंक की वृद्धि बनाए रखी।

रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे माल की लागत में 12 प्रतिशत की वृद्धि होने के बावजूद विनिर्माण कंपनियों ने अपनी लाभप्रदता में सुधार किया। इन कंपनियों का परिचालन लाभ 6.0 प्रतिशत से बढ़कर 10.3 प्रतिशत हो गया। आईटी कंपनियों का परिचालन लाभ 10.7 प्रतिशत बढ़ा, जबकि गैर-आईटी सेवा क्षेत्र की कंपनियों के परिचालन लाभ की वृद्धि दर घटकर 7.1 प्रतिशत रही।

आरबीआई का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में कॉरपोरेट क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूत व्यावसायिक गतिविधियों का संकेत है, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र सबसे प्रमुख वृद्धि चालक के रूप में उभरकर सामने आया है।