2025 में 1.5 करोड़ पासपोर्ट जारी, चिप-युक्त ई-पासपोर्ट से यात्रा हुई अधिक सुरक्षित और आसान

Passport Seva

भारत में पासपोर्ट सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025 के दौरान देश के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों (आरपीओ) और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों ने भारतीय नागरिकों को लगभग 1.5 करोड़ पासपोर्ट एवं अन्य संबंधित सेवाएं प्रदान की हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के विस्तार, आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के कारण नागरिकों को पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं मिल रही हैं।

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देशभर में पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) की संख्या बढ़कर 545 हो गई है। वर्ष 2025 में 10 नए डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं और इस वर्ष भी 10 नए केंद्र खोले जाएंगे, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों के नागरिकों को पासपोर्ट सेवाएं उनके निकट उपलब्ध हो सकेंगी।

पासपोर्ट सेवाओं में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में चिप-युक्त ई-पासपोर्ट की शुरुआत शामिल है। यह आधुनिक पासपोर्ट पारंपरिक पासपोर्ट की तुलना में अधिक सुरक्षित है और जालसाजी तथा छेड़छाड़ की संभावना को काफी हद तक कम करता है। अब तक लगभग 1.47 करोड़ चिप-युक्त ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि पासपोर्ट सेवा केंद्रों और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों की आधारभूत संरचना और सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार किया जा रहा है। महिलाओं, माताओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि पासपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल, सुगम और नागरिक-अनुकूल बन सके।

मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में भारत की केवल लगभग 10 प्रतिशत आबादी के पास ही पासपोर्ट है। इसलिए सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक पासपोर्ट सेवाएं पहुंचाना और आवेदन प्रक्रिया को और आसान बनाना है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिहाज से भी भारतीय नागरिकों के लिए अवसर बढ़ रहे हैं। वर्तमान में 27 देश भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा देते हैं, जबकि 47 देशों में आगमन पर वीजा उपलब्ध है। इसके अलावा 66 देश भारतीय नागरिकों को ई-वीजा की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे विदेश यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो गई है।