जांजगीर-चांपा जिले की एक युवती ने साहस और आत्मसम्मान का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। थाना चांपा क्षेत्र के ग्राम कोसमंदा की रहने वाली युवती ने विवाह समारोह के दौरान सिंदूर रस्म से ठीक पहले दूल्हे को शराब के नशे में धुत देखा तो उसने बिना किसी दबाव में आए विवाह से इनकार कर दिया। युवती के इस फैसले के बाद पूरी बारात को बिना शादी किए वापस लौटना पड़ा।
इस साहसिक निर्णय को समाज में नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरणादायक कदम मानते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस ने युवती को विशेष रूप से सम्मानित किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवती ने सामाजिक दबाव के बावजूद आत्मसम्मान और सही निर्णय को प्राथमिकता देकर अन्य महिलाओं के लिए एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है।
पुलिस का मानना है कि यह घटना समाज को स्पष्ट संदेश देती है कि नशे जैसी सामाजिक बुराइयों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए निर्भीक होकर निर्णय लेने का साहस दिखाना चाहिए।
यह सम्मान न केवल युवती के साहस का सम्मान है, बल्कि समाज में नशामुक्ति, महिला सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
