खेल मंत्री मांडविया का ऐलान: राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग कानून में आपराधिक प्रावधान जोड़ेगा भारत

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि भारत राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग कानून में और संशोधन लाकर आपराधिक प्रावधान जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य डोपिंग उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करना है, जिसमें कोच और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े हितधारक भी शामिल हैं। डॉ. मांडविया ने यह घोषणा नई दिल्ली में यूनेस्को के खेल में डोपिंग के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन के तहत COP10 ब्यूरो की तीसरी औपचारिक बैठक और 2026-27 के लिए फंड की मंजूरी समिति की चौथी औपचारिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए की।

मंत्री ने कहा कि खेल उत्कृष्टता के साथ सत्यनिष्ठा भी जरूरी है और एथलीटों को प्रतिबंधित पदार्थों या तरीकों के बजाय प्रतिभा, तैयारी और कड़ी मेहनत के आधार पर प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। डोपिंग से निपटने के देश के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत ने राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 और इसके 2025 संशोधन के माध्यम से अपने कानूनी और संस्थागत ढांचे को मजबूत किया है, जो दोनों जुलाई 2026 में लागू हुए। उन्होंने कहा कि सरकार संसद के अगले सत्र में एक और संशोधन लाने की योजना बना रही है, जिसमें उल्लंघनों—विशेष रूप से कोच और आपूर्ति श्रृंखला के हितधारकों से जुड़े मामलों—से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपराधिक प्रावधान पेश किए जाएंगे। डॉ. मांडविया ने कहा कि राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने 2025-26 के दौरान 7,000 से अधिक परीक्षण किए और 350 से अधिक शिक्षा एवं जागरूकता सत्र आयोजित किए, जिनमें लगभग 27,000 प्रतिभागी शामिल हुए। एजेंसी ने डोपिंग के खिलाफ अपने प्रयासों को मजबूत करने के लिए जोखिम-आधारित परीक्षण और खुफिया-नेतृत्व वाली जांच पर भी ध्यान केंद्रित किया है।