I4C ने बैंकों, NBFCs और फिनटेक कंपनियों को AI-संचालित साइबर हमलों के प्रति चेताया, CERT-In अनुपालन पर जोर

The Rajpatra Law Judgment

गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) और फिनटेक फर्मों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंटों द्वारा संचालित वित्तीय रूप से प्रेरित साइबर हमलों की बढ़ती प्रवृत्ति के बारे में चेतावनी देते हुए एक एडवाइजरी जारी की है।

यह एडवाइजरी वित्तीय संस्थानों को भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) द्वारा जारी एडवाइजरी में निर्धारित उपायों को तत्काल लागू करने का निर्देश देती है। यह एडवाइजरी तब जारी की गई जब I4C की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले CERT-In ने बैंकों, NBFCs और फिनटेक कंपनियों पर साइबर हमलों से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते रुझान को देखा।

वित्तीय संस्थानों को अपने सुरक्षा नियंत्रणों को CERT-In के मई 2026 के ब्लूप्रिंट के साथ संरेखित करने का भी निर्देश दिया गया है — जो डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में AI-सहायता प्राप्त भेद्यता शोषण के जोखिम को कम करने और उससे बचाव के लिए तैयार किया गया है — साथ ही अपने संबंधित क्षेत्रीय नियामकों द्वारा निर्धारित साइबर सुरक्षा ढांचों के साथ भी।

इसके अतिरिक्त, वित्तीय संस्थानों से ऐसी घटनाओं का पता चलने के छह घंटे के भीतर CERT-In को रिपोर्ट करने का आग्रह किया गया है। बैंकों और NBFCs को भी इसी समयावधि के भीतर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को उसके DAKSH पोर्टल के माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट करनी होगी।