कस्टम्स, एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण का बड़ा फैसला: ITC को एयर सेपरेशन प्लांट पर CENVAT क्रेडिट का लाभ, ₹1.89 करोड़ की मांग रद्द

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कस्टम्स, एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण (CESTAT) ने ITC लिमिटेड को बड़ी राहत देते हुए एयर सेपरेशन प्लांट की स्थापना में उपयोग किए गए पूंजीगत सामान (Capital Goods) और इनपुट्स पर लिए गए CENVAT क्रेडिट को वैध ठहराया है। न्यायाधिकरण ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग द्वारा लगाए गए ₹1.89 करोड़ से अधिक के क्रेडिट विवाद, ब्याज और समान राशि के जुर्माने को निरस्त कर दिया।

न्यायमूर्ति सदस्य अंगद प्रसाद और तकनीकी सदस्य ए.के. ज्योतिषी की पीठ ने 12 जून 2026 को दिए गए अपने फैसले में कहा कि केवल इस आधार पर CENVAT क्रेडिट नहीं रोका जा सकता कि संबंधित मशीनरी किसी अन्य कंपनी की स्वामित्व वाली थी या बाद में उसे जोड़कर एक ऐसा प्लांट बनाया गया जो भूमि से स्थायी रूप से जुड़ गया।

मामला ITC लिमिटेड के सरपाका स्थित पेपरबोर्ड्स एवं स्पेशलिटी पेपर्स डिवीजन से जुड़ा था। कंपनी कागज और पेपरबोर्ड का निर्माण करती है, जिसके लिए ऑक्सीजन और अन्य औद्योगिक गैसों की आवश्यकता होती है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए ITC ने वर्ष 2006 में Inox Air Products Ltd. के साथ एक समझौता किया था। समझौते के तहत Inox ने विभिन्न मशीनरी, उपकरण, पुर्जे और सहायक सामग्री ITC के कारखाने में भेजी, जिनका उपयोग एयर सेपरेशन प्लांट स्थापित करने में किया गया। इन वस्तुओं पर भुगतान किए गए उत्पाद शुल्क के आधार पर ITC ने अक्टूबर 2007 से अप्रैल 2009 के बीच CENVAT क्रेडिट लिया था।

बाद में विभाग ने आरोप लगाया कि ये सामान एयर सेपरेशन प्लांट का हिस्सा बनने के बाद अपनी अलग पहचान खो चुके हैं और प्लांट भूमि से जुड़कर अचल संपत्ति (Immovable Property) बन गया है। विभाग का यह भी कहना था कि मशीनरी Inox की थी, इसलिए ITC को क्रेडिट का लाभ नहीं मिल सकता। इसी आधार पर वर्ष 2012 में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 2013 में क्रेडिट, ब्याज तथा जुर्माने की मांग की पुष्टि कर दी गई।

हालांकि, CESTAT ने विभाग की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। न्यायाधिकरण ने कहा कि CENVAT Credit Rules, 2004 के Rule 2(a) के तहत अध्याय 82, 84, 85 और 90 में आने वाली मशीनरी तथा उनके पुर्जे “Capital Goods” की श्रेणी में आते हैं। यदि ऐसे सामान शुल्क भुगतान के साथ कारखाने में प्राप्त किए गए हैं और उनका उपयोग करयोग्य अंतिम उत्पाद के निर्माण में किया गया है, तो क्रेडिट का लाभ उपलब्ध रहेगा।

पीठ ने स्पष्ट किया कि “मशीनरी का स्वामित्व CENVAT क्रेडिट प्राप्त करने की शर्त नहीं है।” न्यायाधिकरण ने पूर्व के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई मशीनरी लीज पर ली गई हो तब भी उसका उपयोग करने वाला निर्माता क्रेडिट का लाभ लेने का हकदार है।

फैसले में यह भी कहा गया कि किसी औद्योगिक संयंत्र को स्थिरता और सुरक्षित संचालन के लिए नट-बोल्ट से जमीन से जोड़ना उसे ऐसा अचल ढांचा नहीं बना देता जिससे पूंजीगत सामान पर उपलब्ध कर क्रेडिट समाप्त हो जाए। न्यायाधिकरण के अनुसार, “एकीकृत प्लांट का भूमि से जुड़ जाना उसके भीतर प्रयुक्त व्यक्तिगत मशीनों और उपकरणों की पहचान समाप्त नहीं करता।”

CESTAT ने Rule 4(3) की व्याख्या करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि CENVAT क्रेडिट केवल उन मामलों तक सीमित नहीं है जहां मशीनरी किसी वित्तीय कंपनी (Financing Company) से लीज पर ली गई हो। यह प्रावधान क्रेडिट की पात्रता को विस्तारित करता है, न कि सीमित। इसलिए Inox के वित्तीय कंपनी न होने का आधार भी क्रेडिट अस्वीकार करने के लिए पर्याप्त नहीं था।

न्यायाधिकरण ने विभाग की कार्रवाई को प्रक्रियात्मक रूप से भी दोषपूर्ण माना। पीठ ने कहा कि मूल कारण बताओ नोटिस में स्वामित्व संबंधी आपत्ति स्पष्ट रूप से नहीं उठाई गई थी, लेकिन अंतिम आदेश में उसी आधार पर मांग की पुष्टि कर दी गई। ऐसा करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है क्योंकि कोई भी प्राधिकरण कारण बताओ नोटिस के दायरे से बाहर जाकर नया आधार नहीं जोड़ सकता।

फैसले का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू समय-सीमा (Limitation) से जुड़ा था। न्यायाधिकरण ने पाया कि ITC ने सभी क्रेडिट वैध चालानों के आधार पर लिए थे और उन्हें नियमित रिटर्न में घोषित भी किया था। इसलिए तथ्यों को छिपाने या कर चोरी की मंशा का कोई प्रमाण नहीं था। इस कारण विस्तारित समय-सीमा लागू नहीं की जा सकती थी और पूरा मांग पत्र समयबाधित (Time-Barred) पाया गया।

अंततः CESTAT ने कहा कि एयर सेपरेशन प्लांट की स्थापना में प्रयुक्त शुल्क-भुगतान किए गए सामान CENVAT क्रेडिट के लिए पात्र हैं, मशीनरी का स्वामित्व अप्रासंगिक है, प्लांट का अचल स्वरूप क्रेडिट को प्रभावित नहीं करता और विभाग की मांग कानूनन टिकाऊ नहीं है। इन निष्कर्षों के आधार पर न्यायाधिकरण ने ITC की अपील स्वीकार करते हुए पूरा आदेश रद्द कर दिया।

यह फैसला विनिर्माण क्षेत्र की उन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो लीज पर प्राप्त मशीनरी, कैप्टिव प्लांट्स या बड़े औद्योगिक संयंत्रों के माध्यम से उत्पादन करती हैं। निर्णय से यह सिद्धांत और मजबूत हुआ है कि CENVAT क्रेडिट का अधिकार वस्तुओं के वास्तविक उपयोग और उनकी कर-भुगतान स्थिति पर निर्भर करता है, न कि केवल स्वामित्व या संयंत्र की अचल प्रकृति पर।