नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक निजी स्कूल की दो शिक्षिकाओं के साथ स्कूल मालिक के भाई द्वारा कथित यौन शोषण के मामले में जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किए हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग ने मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि यदि समाचार रिपोर्ट की विषयवस्तु सत्य है, तो यह मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर मुद्दे उठाती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने पीड़ितों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का अनुरोध करते हुए एसएसपी से संपर्क किया।
एक अन्य मामले में, आयोग ने बलिया, उत्तर प्रदेश में स्कूल भवन की छत के पास से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आने से एक छात्र की कथित मौत का स्वतः संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बलिया के जिला मजिस्ट्रेट और बलिया के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल की दो शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया है और शिक्षा मित्र की सेवाएं समाप्त करने की सिफारिश की गई है।
एनएचआरसी ने गाजियाबाद जिले, उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में इस वर्ष सात महीनों में गर्भावस्था के इलाज या प्रसव के दौरान 24 महिलाओं की कथित मौतों का भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव और गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी ने कहा कि जिले में तीन हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के रूप में चिह्नित किया गया है।
