बिल्डर पर नहीं लगा धोखाधड़ी का आरोप, फिर भी खरीदारों को मिलेगा ब्याज सहित रिफंड: एनसीडीआरसी

Consumer Protection

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (एनसीडीआरसी) ने गुरुग्राम स्थित “ओरानिया” हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े एक पुराने विवाद में फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए बिल्डर को जमा की गई पूरी राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। हालांकि आयोग ने बिल्डर के खिलाफ सेवा में कमी या अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) के आरोपों को स्वीकार नहीं किया।

मामला नीरज चौधरी और मोनिया चौधरी द्वारा बुक किए गए दो फ्लैटों से संबंधित था। खरीदारों का आरोप था कि बिल्डर ने निर्माण कार्य की प्रगति के बिना लगातार भुगतान की मांग की और बाद में फ्लैटों का आवंटन रद्द कर दिया। दूसरी ओर बिल्डर ने दावा किया कि खरीदार तय भुगतान अनुसूची का पालन करने में विफल रहे और इसी कारण आवंटन रद्द किया गया।

आयोग ने रिकॉर्ड और भुगतान विवरण का परीक्षण करने के बाद पाया कि खरीदारों ने अनुबंध के अनुसार भुगतान नहीं किया था। आयोग ने कहा कि ऐसे में बिल्डर द्वारा आवंटन रद्द किए जाने को अनुचित व्यापार व्यवहार नहीं माना जा सकता। आयोग ने यह भी नोट किया कि विवाद के दौरान संबंधित संपत्तियां तीसरे पक्ष को बेची जा चुकी थीं।

हालांकि एनसीडीआरसी ने माना कि खरीदारों द्वारा जमा की गई राशि वापस की जानी चाहिए। इसलिए आयोग ने बिल्डर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई पूरी रकम संबंधित जमा तिथियों से वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाए।

यह फैसला उपभोक्ता और रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्पष्ट किया गया है कि खरीदारों के अधिकार सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हें भी अनुबंध की शर्तों और भुगतान दायित्वों का पालन करना होगा।