दुर्ग में विशेष लोक अदालत को लेकर सेमीनार आयोजित, चेक बाउंस मामलों के त्वरित निपटारे पर जोर

Durg Judiciary Holds Seminar Ahead of Special Lok Adalat 2026

दुर्ग – परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (Negotiable Instruments Act, 1881) की धारा 138 के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित निराकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के नवीन सभागार में एक विशेष सेमीनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार 18 जुलाई को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत की तैयारियों के तहत आयोजित किया गया।

सेमीनार में जिला न्यायपालिका के न्यायाधीशों, जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं, स्टेट बार काउंसिल के चयनित सदस्यों, न्यायालयीन अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेष लोक अदालत के उद्देश्य, महत्व और उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि धारा 138 से जुड़े मामलों का लोक अदालत के माध्यम से निपटारा न केवल समय और संसाधनों की बचत करता है, बल्कि पक्षकारों को शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान भी उपलब्ध कराता है।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने पक्षकारों को विशेष लोक अदालत के बारे में जागरूक करें और समझौता योग्य मामलों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत के माध्यम से निराकरण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक मामलों को समझौते के जरिए निपटाने से न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।

सेमीनार के मुख्य अतिथि एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि विशेष लोक अदालत न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित रूप से आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रभावी मंच है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक समझौता योग्य प्रकरणों को चिन्हित कर विशेष लोक अदालत में प्रस्तुत कराएं तथा पक्षकारों को इसके लाभों से अवगत कराएं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय के संयुक्त प्रयासों से बड़ी संख्या में चेक बाउंस मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव होगा और इससे न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।