केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पंचकूला नगर निगम के सार्वजनिक धन के कथित गबन और दुरुपयोग से जुड़े मामले में तत्कालीन नगर निगम आयुक्त एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी राम कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जांच में सामने आए वित्तीय अनियमितताओं और निगम के खातों से धन के कथित अवैध हस्तांतरण के आरोपों के आधार पर की गई है।
सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मामला पंचकूला नगर निगम के उस बैंक खाते से जुड़ा है, जो चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि यह बैंक खाता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित वित्तीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए खोला गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि खाता खोलने के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों और आवेदन पत्र में कुछ जानकारियां जानबूझकर इस प्रकार दर्ज की गई थीं, जिससे बाद में किए जाने वाले कथित फर्जी और धोखाधड़ीपूर्ण वित्तीय लेन-देन को छिपाया जा सके। सीबीआई का आरोप है कि इसी व्यवस्था का उपयोग कर नगर निगम के सार्वजनिक धन को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
एजेंसी अब इस पूरे प्रकरण में शामिल अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि कथित रूप से गबन की गई राशि किन खातों में पहुंची और उसके उपयोग का स्वरूप क्या रहा।
सीबीआई की यह कार्रवाई हरियाणा में चर्चित वित्तीय अनियमितता के मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका का गहन परीक्षण किया जा रहा है तथा जांच आगे भी जारी रहेगी।
