छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए संजय मिश्रा की धारा 302 आईपीसी के तहत हुई उम्रकैद की सजा को बदलते हुए धारा 304 भाग-II आईपीसी के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास में परिवर्तित कर दिया।
मामला जनवरी 2022 में रायगढ़ जिले के छोटीगुड़ा गांव का है, जहां मोटरसाइकिल की चाबी को लेकर हुए विवाद के दौरान संजय मिश्रा ने उमेश राठिया पर लोहे की नुकीली रॉड से वार कर दिया था। गंभीर चोट लगने से उमेश राठिया की मौत हो गई थी। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हालांकि, हाईकोर्ट ने पाया कि घटना अचानक हुए झगड़े के दौरान हुई थी, इसके पीछे कोई पूर्व नियोजित साजिश या हत्या की मंशा साबित नहीं हुई। अदालत ने कहा कि आरोपी को यह ज्ञान अवश्य था कि उसके कृत्य से मृत्यु हो सकती है, लेकिन मृत्यु कारित करने का स्पष्ट इरादा साबित नहीं हुआ।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 300 के अपवाद-4 के अंतर्गत आता है, क्योंकि घटना अचानक विवाद, आवेश और बिना पूर्व योजना के हुई थी। इसी आधार पर हत्या की सजा को गैर इरादतन हत्या में परिवर्तित करते हुए आरोपी की सजा घटाकर 5 वर्ष कर दी गई।
