प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रिहेजा डेवलपर्स लिमिटेड, उसके निदेशक नविन एम. रहेजा और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी ₹503 करोड़ से अधिक मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
ईडी की जांच बड़ी संख्या में होमबायर्स द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों पर आधारित है, जिनमें रिहेजा डेवलपर्स की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान कंपनी द्वारा जुटाई गई धनराशि के कथित दुरुपयोग और फंड डायवर्जन के संकेत मिले हैं।
ईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल ₹1,617 करोड़ से अधिक बाजार मूल्य की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। इससे पहले भी एजेंसी ने रिहेजा डेवलपर्स, उससे जुड़ी कंपनियों तथा नविन रहेजा और उनके परिवार की संपत्तियों पर कार्रवाई की थी।
जांच एजेंसी का कहना है कि मामला हजारों होमबायर्स से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और परियोजनाओं में निवेश किए गए धन के उपयोग से संबंधित है। मामले की आगे की जांच जारी है।
