राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुजरात के सूरत जिले में एक आभूषण निर्माण इकाई के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार श्रमिकों की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने घटना को गंभीर मानते हुए गुजरात के मुख्य सचिव और सूरत के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 7 जून 2026 को सूरत स्थित एक ज्वेलरी निर्माण इकाई में चार श्रमिक सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उसमें उतरे थे। बताया गया है कि सफाई कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण श्रमिक जहरीली गैसों की चपेट में आ गए। घटना के बाद बचाव दल ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
एनएचआरसी ने अपने संज्ञान में कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह श्रमिकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से घटना की जांच की वर्तमान स्थिति, जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा मृतक श्रमिकों के परिजनों को दिए गए मुआवजे की जानकारी मांगी है।
8 जून 2026 को प्रकाशित समाचार रिपोर्ट के अनुसार, आभूषणों की सफाई प्रक्रिया से निकलने वाला अपशिष्ट उक्त सेप्टिक टैंक में एकत्र किया जाता था। प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि श्रमिक पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और गैस जांच जैसी अनिवार्य सावधानियों के बिना टैंक में उतरे थे, जिससे यह दुर्घटना हुई।
यह घटना एक बार फिर खतरनाक परिस्थितियों में कराए जाने वाले सफाई कार्यों और श्रमिक सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। मानवाधिकार आयोग की कार्रवाई से मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की उम्मीद बढ़ गई है।
