भिलाई नगर, 16 अगस्त। पावर हाउस स्थित लाल मैदान में करीब पांच दशकों से आयोजित हो रहे भव्य दुर्गोत्सव को लेकर लंबे समय से चल रहा जमीन विवाद अब लगभग समाप्त होता दिखाई दे रहा है। तहसील स्तर पर हुई संयुक्त स्थल जांच में लाल मैदान की भूमि नगर पालिक निगम भिलाई के अधीन होना सामने आया है। 11 अगस्त 2026 को प्रस्तुत संयुक्त स्थल जांच प्रतिवेदन के बाद करीब छह माह से रुके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता भी साफ हो गया है।
लाल मैदान में प्रतिवर्ष दुर्गोत्सव के दौरान विशाल पूजा पंडाल लगाया जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के विशेष प्रयासों से यहां विशाल डोम शेड, हाईमास्ट लाइट और मैदान के सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित थे।
हालांकि करीब छह माह पहले छावनी थाना और दुर्ग पुलिस विभाग की ओर से लाल मैदान की जमीन को गृह विभाग अथवा थाना के लिए आबंटित भूमि बताते हुए निर्माण एवं विकास कार्यों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद जमीन के वास्तविक स्वामित्व और अधिकार क्षेत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक रिकेश सेन ने विधानसभा में भी लाल मैदान की जमीन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य शासन से जमीन का सीमांकन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। इसके बाद राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित राजस्व दस्तावेजों, नजरी नक्शे और मौके की स्थिति का परीक्षण किया।
11 अगस्त 2026 को प्रस्तुत संयुक्त स्थल जांच प्रतिवेदन में लाल मैदान की भूमि को नगर पालिक निगम भिलाई की भूमि बताया गया है। रिपोर्ट में छावनी थाना के लिए आबंटित भूमि तथा लाल मैदान की वास्तविक भूमि की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। इससे लाल मैदान की भूमि पर पुलिस प्रशासन के स्वामित्व संबंधी दावे को लेकर बनी स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
दुर्गोत्सव समिति और नागरिकों में खुशी
जमीन की स्थिति स्पष्ट होने की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र के नागरिकों और दुर्गोत्सव समिति से जुड़े लोगों में खुशी है। समिति के सदस्यों का कहना है कि लाल मैदान में दशकों से आयोजित हो रहे दुर्गोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में डोम शेड, हाईमास्ट लाइट और सौंदर्यीकरण जैसे विकास कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
करीब छह माह से चली आ रही जमीन संबंधी उहापोह के बाद राजस्व विभाग की संयुक्त जांच से अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। इससे आगामी दुर्गोत्सव की तैयारियों को गति मिलने के साथ ही लाल मैदान में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद बढ़ गई है।
