बिलासपुर – छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के परिसर में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमा, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रभक्ति के साथ संविधान के मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपरा की भी सुंदर झलक देखने को मिली।
समारोह की शुरुआत छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने सम्मानपूर्वक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।
इसके पश्चात मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगा फहराए जाने के साथ ही उपस्थित सभी न्यायाधीशों, अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य अतिथियों ने राष्ट्रगान गाया और राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक सलामी दी।
इस अवसर पर पुलिस बल, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कैडेटों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। अनुशासित मार्च पास्ट ने समारोह की गरिमा और भव्यता को और बढ़ा दिया।
समारोह में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति की भी मनमोहक प्रस्तुति हुई। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक करमा नृत्य ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। लोकनृत्य की इस प्रस्तुति ने राष्ट्रीय पर्व के उत्सव में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का रंग भर दिया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ पर जोर देते हुए कहा, “स्वतंत्रता का अर्थ केवल अधिकारों का उपभोग करना नहीं है, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना भी है। हमारा संविधान हमें एक सशक्त और स्पष्ट मार्ग दिखाता है।”
समारोह के समापन अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने मार्च पास्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस दौरान पूरे हाईकोर्ट परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण बना रहा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्य न्यायाधीश एवं अन्य माननीय न्यायाधीशों ने हाईकोर्ट परिसर में पौधरोपण किया। पौधरोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
समारोह में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीशगण, रजिस्ट्रार जनरल, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, रजिस्ट्री के अधिकारी, न्यायिक अधिकारी एवं हाईकोर्ट के कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने भी समारोह में भाग लिया।
