नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बैठक, अधिक से अधिक प्रकरणों के सुलह-समझौते से निराकरण पर जोर

The Rajpatra Law

बेमेतरा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में आर्बिट्रेशन, क्लेम एवं बीमा कंपनियों से संबंधित अधिवक्ताओं तथा बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के अधिक से अधिक निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता श्रीमती सरोज नंद दास, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा ने की। बैठक में श्री देवेन्द्र कुमार, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, श्रीमती साक्षी दीक्षित, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तथा श्रीमती स्वर्णलता ओम यादव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा उपस्थित रहीं।

बैठक में आर्बिट्रेशन, क्लेम एवं बीमा कंपनियों से संबंधित लंबित प्रकरणों में पक्षकारों के साथ प्री-सिटिंग आयोजित कर आपसी सुलह एवं समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निराकरण सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। संबंधित अधिवक्ताओं से कहा गया कि वे लंबित प्रकरणों के पक्षकारों से संवाद स्थापित कर उन्हें लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए आवश्यक पहल करें।

इसी प्रकार बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में आगामी नेशनल लोक अदालत के लिए प्रस्तुत करने के संबंध में चर्चा की गई। अधिकारियों को प्रकरणों का समय-सीमा में प्रस्तुतिकरण एवं पंजीयन, पक्षकारों को नोटिस की तामिली तथा आपसी सहमति से राजीनामा एवं समझौता कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निराकरण किया जाए, ताकि पक्षकारों को त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध हो सके।

बैठक में आर्बिट्रेशन, क्लेम एवं बीमा कंपनियों के अधिवक्तागण तथा विभिन्न बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।