राज्य परिवहन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बैठक में क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारी (RTO/DTO), प्रवर्तन अमला, बस संचालक संघ तथा वाहन डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर भी उपस्थित रहे।
बैठक में सचिव एवं परिवहन आयुक्त ने सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पदस्थापना मुख्यालय में रहकर कार्य करने के निर्देश दिए। स्पष्ट किया गया कि बिना अनुमति अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलावार बकाया कर की स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को बकाया वाहन कर की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जांच चौकियों और फ्लाइंग स्क्वॉड को बकायादार वाहनों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में बस संचालन व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। बस स्टैंडों पर बसों की नियमित निगरानी की जाएगी और निर्धारित समय सारिणी का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। परमिट प्राप्त करने के बावजूद बसों का संचालन नहीं करने वाले संचालकों के परमिट निरस्त किए जाएंगे, जिससे नए आवेदकों को अवसर मिल सके। लंबे समय से अनुपयोगी खड़ी निजी बसों की भी जांच कराई जाएगी।
दुर्ग स्थित ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर द्वारा कथित रूप से अवैध फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सेंटर, वाहन मालिकों और वेंडरों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लग्जरी बसों में ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामान अथवा ओवरलोडिंग पाए जाने पर वाहन जब्त करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश भी जारी किए गए हैं। ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निर्देश दिया गया कि टेस्ट केवल परिवहन कार्यालय परिसर में और RTO या अधिकृत अधिकारी की उपस्थिति में ही कराया जाए।
सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राहत योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत RTO और DTO दुर्घटना स्थलों का निरीक्षण करेंगे तथा अस्पतालों और पुलिस थानों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
वाहन डीलरों की समस्याओं के समाधान के लिए नए वाहनों के पंजीयन और प्रयुक्त वाहनों के नामांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही डीलरों को ट्रेड सर्टिफिकेट तथा सर्विस सेंटर संबंधी सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ई-चालान व्यवस्था को भी अधिक सुगम बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। ANPR प्रणाली से जारी ई-चालानों के भुगतान के लिए परिवहन कार्यालयों में अलग काउंटर स्थापित किए जाएंगे। यदि किसी वाहन मालिक को गलत चालान जारी होने की शिकायत होगी, तो उसका तत्काल सत्यापन कर आवश्यक होने पर चालान निरस्त किया जाएगा।
बैठक के अंत में परिवहन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को जारी निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
