नवा रायपुर। राज्य निर्वाचन आयोग, छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित कार्यालय में राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन के तहत हुई इस बैठक में विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने स्थानीय निकाय चुनावों को अधिक सरल, पारदर्शी, निष्पक्ष, तकनीक-सक्षम और निर्धारित समय-सीमा में कराने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में स्थायी समिति द्वारा गठित तीन उप-समितियों के कामकाज और उनकी प्रगति की समीक्षा की गई। विभिन्न राज्यों में लागू तकनीकी पहलों, ऑनलाइन व्यवस्थाओं और चुनाव प्रबंधन से जुड़े डिजिटल नवाचारों को साझा करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि सफल व्यवस्थाओं को दूसरे राज्यों में भी अपनाकर स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
राज्य निर्वाचन आयोगों के बीच जरूरत के अनुसार EVM के साझा उपयोग को सुगम बनाने के लिए ‘EVM प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर’ विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस प्रणाली को तैयार करने की जिम्मेदारी बिहार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा संभाली जा रही है। बैठक में चुनावों के सफल संचालन के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेज को साझा करने तथा चुनाव समय पर कराने में सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान राज्यों के बीच चुनावी डेटाबेस साझा करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। यह सुझाव गुजरात और महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से रखा गया था। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर राज्यों को M-3 मॉडल EVM उपलब्ध कराने और उनके संयुक्त उपयोग की व्यवस्था पर भी सहमति बनी। यह प्रस्ताव पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से रखा गया था।
निर्वाचन आयुक्तों ने एक-दूसरे के राज्यों में चुनाव कार्यक्रमों और चुनाव प्रबंधन से जुड़े अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ अध्ययन दौरों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों और चुनावी व्यवस्थाओं को समझना तथा उपयोगी नवाचारों को अन्य राज्यों में लागू करना है।
बैठक में ‘Cooperative Federalism and Multilevel Governance’ विषय पर प्रस्तावित आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के संभावित आयोजन स्थल के रूप में पुणे पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार ने नवा रायपुर के विकास, आधुनिक आधारभूत संरचना और सुनियोजित शहरी स्वरूप को लेकर प्रस्तुति दी।
बैठक के बाद विभिन्न राज्यों से आए राज्य निर्वाचन आयुक्तों ने सपरिवार नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण किया। उन्होंने विधानसभा सदन के भीतर जाकर विधायी कार्यप्रणाली और सदन के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण किया था।
निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर के प्रमुख क्षेत्रों का भी भ्रमण किया और शहर में विकसित की जा रही शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आधुनिक तकनीक से जुड़ी सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने नवा रायपुर को आधुनिक, सुनियोजित और स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किए जाने के प्रयासों की सराहना की।
भ्रमण के अंतिम चरण में निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जिसे देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम के रूप में विकसित किया गया है, का अवलोकन किया। संग्रहालय के विभिन्न सेक्टरों में डिजिटल तकनीक और स्क्रीन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के जनजातीय आंदोलनों तथा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है।
निर्वाचन आयुक्तों ने हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह सहित विभिन्न ऐतिहासिक संघर्षों की डिजिटल प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। उन्होंने संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की गाथाओं को आधुनिक डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किए जाने की सराहना की।
इसके बाद ट्राइबल म्यूजियम परिसर में आयोजित संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न राज्यों से आए निर्वाचन आयुक्तों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं जनजातीय संस्कृति की सराहना की।
