नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के 2026 के अध्यक्ष पद के प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने अपने चुनावी अभियान में अधिवक्ताओं के लिए पेशेवर अवसर बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने और संस्थागत सुधारों को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उम्मीदवारों की सार्वजनिक बहस में राय ने सुप्रीम कोर्ट बार से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे व्यावसायिक और कल्याण संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए कई प्रस्ताव रखे।
राय ने कहा कि SCBA सदस्यों के लिए बेहतर पेशेवर अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा। उन्होंने ऐसी संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे अधिवक्ताओं को सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस बढ़ाने और प्रभावी पेशेवर अवसर प्राप्त करने में मदद मिल सके।
अपने संबोधन में राय ने कहा कि SCBA के सदस्य लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। उन्होंने कैंटीन, चैंबर, पार्किंग, वाई-फाई, लाइब्रेरी, तकनीक और साझा कार्यस्थल जैसी सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सुविधाओं की उपलब्धता को उपलब्धि नहीं, बल्कि बार एसोसिएशन की जिम्मेदारी माना जाना चाहिए।
सीक्वेंसिंग सिस्टम खत्म करने की मांग
प्रदीप राय के चुनावी अभियान का एक प्रमुख मुद्दा सीक्वेंसिंग सिस्टम को समाप्त करना है। उन्होंने इस व्यवस्था को हटाने की वकालत की है और संकेत दिया है कि सुप्रीम कोर्ट में पेशी के अवसरों का निर्धारण ऐसी व्यवस्था के आधार पर नहीं होना चाहिए, जिससे कुछ अधिवक्ताओं के पेशेवर अवसर प्रभावित हों।
राय ने पेशेवर अवसरों को अधिक समान और योग्यता आधारित बनाने की जरूरत पर जोर दिया। सुप्रीम कोर्ट में काम और पेशी के अवसरों तक पहुंच का मुद्दा लंबे समय से बार के बीच चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में सीक्वेंसिंग का विरोध उनके व्यापक पेशेवर सुधार एजेंडे का हिस्सा है।
SCBA सदस्यों को ₹50 लाख तक का मेडिकल इंश्योरेंस
राय ने SCBA सदस्यों के लिए ₹50 लाख तक का मेडिकल इंश्योरेंस उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा है। इसका उद्देश्य अधिवक्ताओं और उनके परिवारों के लिए मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो सुप्रीम कोर्ट बार के सदस्यों के लिए उपलब्ध कल्याणकारी सुविधाओं का दायरा काफी बढ़ सकता है। राय ने पेशेवर कल्याण को केवल वैकल्पिक सुविधा के बजाय बार एसोसिएशन की संस्थागत जिम्मेदारी के रूप में देखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अधिवक्ताओं के लिए बड़ी हाउसिंग सोसाइटी का प्रस्ताव
आवास का मुद्दा भी राय के चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। उन्होंने SCBA सदस्यों के लिए एक बड़ी हाउसिंग सोसाइटी स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ती आवास लागत के बीच यह प्रस्ताव अधिवक्ताओं को अपेक्षाकृत किफायती और स्थिर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इसके माध्यम से SCBA की कल्याणकारी भूमिका को सुप्रीम कोर्ट परिसर की सुविधाओं से आगे बढ़ाकर सदस्यों की व्यापक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जोड़ने की कोशिश की गई है।
अधिवक्ताओं के बच्चों के लिए मेरिट आधारित छात्रवृत्ति
प्रदीप राय ने SCBA सदस्यों के बच्चों के लिए मेरिट आधारित छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
इस प्रस्ताव के माध्यम से SCBA के कल्याण कार्यक्रम को अगली पीढ़ी तक विस्तार देने की कोशिश की गई है। इससे अधिवक्ताओं के परिवारों के बच्चों की शिक्षा और उच्च अध्ययन में संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है।
तीन प्रमुख क्षेत्रों पर राय का फोकस
प्रदीप राय के चुनावी प्रस्तावों को मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में देखा जा सकता है। इनमें अधिवक्ताओं के पेशेवर अवसरों का विस्तार, चिकित्सा एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना और अधिवक्ताओं तथा उनके परिवारों के लिए दीर्घकालिक कल्याण योजनाएं शामिल हैं।
पेशेवर अवसरों पर राय का जोर ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब सुप्रीम कोर्ट में काम और पेशी के अवसरों तक पहुंच को लेकर बार के भीतर लगातार चर्चा होती रही है। सीक्वेंसिंग सिस्टम को समाप्त करने की उनकी मांग इसी व्यापक तर्क का हिस्सा है कि अधिवक्ताओं के लिए अधिक समान और योग्यता आधारित पेशेवर वातावरण तैयार किया जाए।
अन्य उम्मीदवारों ने भी रखे अपने प्रस्ताव
सार्वजनिक बहस के दौरान अन्य उम्मीदवारों ने भी SCBA के कामकाज और अधिवक्ताओं की सुविधाओं से संबंधित प्रस्ताव रखे। इनमें SCBA संग्रहालय को अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर उपलब्ध जगह का बेहतर उपयोग करने, अधिवक्ताओं के लिए सुविधाओं में सुधार करने, धूम्रपान के लिए अलग स्थान निर्धारित करने और अधिवक्ताओं की गरिमा तथा पेशेवर सुविधा सुनिश्चित करने में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की भूमिका मजबूत करने जैसे सुझाव शामिल रहे।
SCBA अध्यक्ष पद के अन्य उम्मीदवारों में महालक्ष्मी पवानी, एमडी इजहार आलम, आदिश अग्रवाला, गौरव भाटिया, अनुपम लाल दास, सुकुमार पट्टजोशी, सिद्धार्थ मृदुल और केएस चौहान शामिल हैं।
SCBA चुनाव 2026 में पेशेवर अवसर, अधिवक्ता कल्याण, चिकित्सा सुरक्षा, आवास, बुनियादी ढांचे और संस्थागत सुधार प्रमुख चुनावी मुद्दों के रूप में सामने आ रहे हैं।
