नई दिल्ली, 3 जुलाई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तरातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम के ढहने की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया में प्रकाशित तथ्य सही हैं, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है।
आयोग ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, कोलकाता पुलिस आयुक्त तथा नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने रिपोर्ट में जांच की वर्तमान स्थिति, दुर्घटना के कारणों तथा मृतकों के परिजनों एवं घायलों को दिए गए मुआवजे का पूरा विवरण देने को कहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 24 जून 2026 को तरातला स्थित निर्माणाधीन गोदाम में करीब 40 मजदूर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान लोहे की संरचना पर डाली जा रही कंक्रीट की ढलाई अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में कम से कम पांच मजदूरों की मौत हो गई और लगभग 20 अन्य घायल हुए। प्रारंभिक जानकारी में 12 से 15 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी।
आयोग ने यह भी संज्ञान लिया है कि निर्माण के लिए स्वीकृत भवन योजना में कथित त्रुटियां इस दुर्घटना का कारण हो सकती हैं। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
