हेमंत सोरेन को बड़ा झटका: PMLA कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में डिस्चार्ज याचिका खारिज की

Jharkhand Chief Minister Hemant Soren

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सोमवार को बड़ा कानूनी झटका लगा, जब विशेष पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत ने रांची के बड़गाई क्षेत्र की 8.86 एकड़ भूमि से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पहले अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया।

फैसला सुनाते हुए विशेष अदालत ने कहा कि मामले में आगे सुनवाई और परीक्षण (ट्रायल) चलाने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त आधार और सामग्री मौजूद है। अदालत ने माना कि इस चरण पर आरोपों से मुक्त किए जाने का कोई आधार नहीं बनता और इसी कारण हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया गया।

हेमंत सोरेन ने पिछले वर्ष दिसंबर में दायर अपनी याचिका में दावा किया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें अनावश्यक रूप से मामले में फंसाया गया है तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।

वहीं, ईडी ने अदालत में याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज और साक्ष्य मामले को ट्रायल तक ले जाने के लिए पर्याप्त हैं। एजेंसी का तर्क था कि उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपों की जांच और सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार प्रदान करती है।

अदालत के इस आदेश के बाद अब रांची भूमि से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ेगी और मामले की सुनवाई ट्रायल के चरण में जारी रहेगी।