छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने जिला न्यायपालिका में भर्ती के लिए ग्रेजुएशन के प्रतिशत को स्क्रीनिंग क्राइटेरिया बनाने को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जस्टिस बिभु दत्त गुरु ने 12 अक्टूबर 2026 को Anil Kumar v. State of Chhattisgarh & Others (WPS No. 7303/2026) और Sudhir Toppo v. State of Chhattisgarh & Others (WPS No. 7304/2026) में यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में बैठने का अवसर मिलना चाहिए। वहीं, प्रतिवादियों ने अधिक आवेदन प्राप्त होने के कारण अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग को आवश्यक बताया।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले B. Ramakichenin @ Balagandhi v. Union of India, (2008) 1 SCC 362 का हवाला देते हुए कहा कि अधिक संख्या में आवेदन आने पर भर्ती प्राधिकरण निष्पक्ष और तर्कसंगत आधार पर शॉर्टलिस्टिंग कर सकता है, भले ही नियमों या विज्ञापन में इसका स्पष्ट उल्लेख न हो। हालांकि, यह प्रक्रिया मनमानी या भेदभावपूर्ण नहीं होनी चाहिए और निर्धारित भर्ती नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
याचिकाकर्ताओं द्वारा नियमों के उल्लंघन या भेदभाव का पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कोर्ट ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं।
