छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को बहुमंजिला आवासीय, वाणिज्यिक तथा मिश्रित उपयोग वाले भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने 19 जून 2026 को जारी आदेश में कहा है कि भवनों में निवासरत लोगों और आगंतुकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
जारी परामर्श राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के प्रासंगिक मानकों तथा छत्तीसगढ़ अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2018 के अनुरूप तैयार किया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि भवन स्वामियों, प्रबंधन समितियों, डेवलपर्स, कॉलोनाइजरों और अनुरक्षण एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी कि वे सभी अग्नि सुरक्षा प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करें।
निर्देशों के अनुसार बहुमंजिला भवनों में फायर डिटेक्शन एवं अलार्म सिस्टम, आंतरिक फायर हाइड्रेंट, स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम, पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था और पर्याप्त जल भंडारण सहित फायर पंप की व्यवस्था अनिवार्य होगी। भवन की ऊंचाई के अनुसार सुरक्षा मानकों को लागू किया जाएगा तथा ऊंची इमारतों में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की व्यवस्था करनी होगी।
शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों में फायर सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति की जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण, मॉक ड्रिल, उपकरणों का परीक्षण और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाएगा। आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी, रिफ्यूज एरिया, एग्जिट प्लान और आपातकालीन नंबरों के प्रदर्शन को भी अनिवार्य बनाया गया है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी स्थानीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के भवनों में इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा संबंधित हितधारकों को दिशा-निर्देशों की जानकारी उपलब्ध कराएं। आवश्यकता पड़ने पर जागरूकता अभियान और मॉक ड्रिल भी आयोजित किए जाएंगे। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में भवन सील करने, लाइसेंस अथवा अनुमति निरस्त करने तथा अन्य सुधारात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।
