दुर्ग स्थायी लोक अदालत में दो नए सदस्यों की नियुक्ति, जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी तेज

District Court Durg Chhattisgarh

आम नागरिकों को सुलभ, त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में दुर्ग में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं), दुर्ग में लंबे समय से रिक्त पड़े सदस्य पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दो नए सदस्यों की नियुक्ति के साथ अब जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों की नियमित सुनवाई पुनः सुचारू रूप से शुरू हो सकेगी।

स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं), दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा लकड़ा ने बताया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित, सस्ता और सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है। इससे लोगों को न्यायालयों में लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा समयबद्ध न्याय प्राप्त होगा।

उन्होंने बताया कि स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत का गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22-बी के अंतर्गत किया गया है। अधिनियम की धारा 22-ए से 22-ई तक जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह मंच नागरिकों को कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने के साथ-साथ विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को भी बढ़ावा देता है।

सदस्य पद रिक्त होने के कारण पिछले कुछ समय से जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही थी। अब नई नियुक्तियों के बाद लोक अदालत पूर्ण क्षमता के साथ कार्य कर सकेगी, जिससे लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा।

स्थायी लोक अदालत में विद्युत, जल प्रदाय, डाक, दूरसंचार, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, अस्पताल, बीमा सेवाओं, आवास एवं अचल संपत्ति विकास परियोजनाओं से जुड़े विवादों की सुनवाई की जाती है। इसके अलावा बिल्डरों द्वारा कॉलोनी विकास, भूखंड अथवा आवासीय इकाइयों के हस्तांतरण, मूलभूत सुविधाओं के विकास, रखरखाव और अन्य सेवा संबंधी विवाद भी यहां प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

इस मंच की विशेषता यह है कि सबसे पहले विवादित पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया जाता है। यदि समझौता नहीं हो पाता, तो लोक अदालत विधि अनुसार निर्णय पारित कर सकती है। स्थायी लोक अदालत द्वारा दिया गया निर्णय संबंधित पक्षों पर बाध्यकारी होता है।

श्रीमती सुषमा लकड़ा ने कहा कि सदस्यों की नियुक्ति से न केवल संस्था की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आमजन का न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी और मजबूत होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने नागरिकों से अपील की है कि जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित किसी भी विवाद की स्थिति में स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत का लाभ उठाकर त्वरित और प्रभावी न्याय प्राप्त करें।