751 दिन की देरी पर छत्तीसगढ़ सरकार को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की अपील

High Court of Chhattisgarh - Bilaspur

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 751 दिन की देरी से दायर की गई रिट अपील को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि केवल विभागीय प्रक्रियाओं, फाइलों के आवागमन और प्रशासनिक औपचारिकताओं का हवाला देकर इतनी लंबी देरी को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

राज्य सरकार ने तर्क दिया था कि विभिन्न विभागों से मंजूरी और आवश्यक दस्तावेज जुटाने में समय लगा, जिसके कारण अपील समय पर दाखिल नहीं हो सकी। हालांकि अदालत ने माना कि सरकार देरी के लिए कोई ठोस और संतोषजनक कारण प्रस्तुत करने में विफल रही।

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि “सीमा अवधि का कानून सरकार सहित सभी पक्षों पर समान रूप से लागू होता है” और देरी की माफी कोई अधिकार नहीं बल्कि अपवाद है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी विभागों को भी अपने कानूनी मामलों में पूरी सतर्कता और समयबद्धता बरतनी होगी।

इसी आधार पर अदालत ने 751 दिन की देरी माफ करने से इनकार करते हुए राज्य सरकार की अपील को देरी और लापरवाही के आधार पर खारिज कर दिया।