पटना की एक अदालत ने सोमवार को ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के निदेशक रौशन आनंद को जमानत दे दी। आनंद को चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज विवाद मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला शिक्षाविद् फैसल खान उर्फ खान सर के कोचिंग संस्थान में कथित हमले और तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा है।
मामले की शुरुआत 2 जून को हुई थी, जब खान सर ने आरोप लगाया था कि उनके कोचिंग संस्थान पर हमला किया गया और परिसर में पत्थरबाजी की गई। उन्होंने इस घटना के पीछे रौशन आनंद की भूमिका होने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और 3 जून को आनंद को गिरफ्तार कर लिया। उन पर कोचिंग संस्थान में तोड़फोड़ कराने के साथ-साथ एक सुरक्षा गार्ड के साथ कथित मारपीट में शामिल होने का भी आरोप लगाया गया था।
गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और वे पिछले 12 दिनों से बेउर केंद्रीय कारागार में बंद थे। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल का कथित घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी तर्क रखा कि खान सर से जुड़े सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की पर्याप्त जांच नहीं की गई, जबकि आनंद के खिलाफ जल्दबाजी में कार्रवाई की गई।
जमानत मंजूर करते हुए अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि दोनों पक्ष शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं और उन्हें आपसी पेशेवर प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए, न कि आपराधिक विवादों में उलझना चाहिए। अदालत ने शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को पेशेवर मर्यादा बनाए रखने तथा शिक्षा गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस बीच, मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब जांच के दौरान घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सामने आए। शुरुआती तौर पर पुलिस द्वारा देखे गए फुटेज में कथित रूप से केवल मारपीट दिखाई दी थी और गोलीबारी का कोई दृश्य नहीं था। हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर एक अन्य सीसीटीवी वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर सुरक्षा गार्डों को फायरिंग करते हुए देखा गया।
बाद में पुलिस ने दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान दोनों गार्डों ने कथित रूप से बयान दिया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर कार्रवाई की थी। इन दावों के बाद खान सर के खिलाफ भी एक अलग आपराधिक मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की।
हालांकि, 9 जून को पटना की एक अदालत ने खान सर को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। जहां खान सर को अग्रिम राहत मिल गई, वहीं रौशन आनंद नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने तक न्यायिक हिरासत में बने हुए थे। अब अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है।
