नई दिल्ली – खरीफ बुवाई सीजन की शुरुआत के साथ देश के तेलहन किसानों के लिए एक नई डिजिटल पहल सामने आई है। ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ नामक व्हाट्सऐप आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सेवा किसानों को तेलहन फसलों की खेती से जुड़ी वैज्ञानिक और शोध आधारित जानकारी सीधे उनके मोबाइल फोन पर उपलब्ध करा रही है। खास बात यह है कि किसान अपनी भाषा में कभी भी सवाल पूछ सकते हैं और तत्काल सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, यह सेवा देशभर के तेलहन उत्पादक किसानों को निःशुल्क, विश्वसनीय और त्वरित कृषि परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके माध्यम से किसानों तक अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित तकनीकी जानकारी सरल तरीके से पहुंचाई जा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि किसान अपने मोबाइल में +91 4024598180 नंबर को ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ नाम से सेव कर व्हाट्सऐप के जरिए प्रश्न पूछ सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म हिंदी सहित सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में संवाद करने में सक्षम है।
किसान मूंगफली, सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन, रामतिल (नाइजर) तथा अन्य तेलहन फसलों की खेती से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें बुवाई, उन्नत किस्मों का चयन, पोषण प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, सिंचाई और फसल प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अंतर्गत हैदराबाद स्थित भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईओआर) के निदेशक ने कहा कि यह पहली बार है जब आईसीएआर के विभिन्न संस्थानों में विकसित तेलहन संबंधी शोध और विशेषज्ञता को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के किसानों तक सीधे पहुंचाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से किसानों को सही समय पर वैज्ञानिक सलाह मिलेगी, जिससे उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और फसल संबंधी समस्याओं का बेहतर समाधान खोजने में मदद मिलेगी। डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच की दूरी को कम करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
