दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ एवं माननीय ई-कमेटी के निर्देशानुसार न्यायालयीन कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से 19 सितंबर 2026, शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में एक दिवसीय रिफ्रेशर कार्यक्रम एवं N-STEP प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ECT_8_2026 के अंतर्गत N-STEP प्रशिक्षण तथा ECT_9_2026 के अंतर्गत जिला मुख्यालय के न्यायालयीन कर्मचारियों के लिए आयोजित रिफ्रेशर कार्यक्रम के रूप में ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन श्री के. विनोद कुजूर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हुआ। श्री दीपक कोसले, पंचम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग को कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया, जबकि श्री पुरुषोत्तम सिंह मरकाम, अष्टम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम सत्र में Virtual Court–Traffic and Transport, e-Summons/N-STEP, e-Sakshya और CIS 4.0 जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल न्यायिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को इन तकनीकी प्रणालियों की कार्यप्रणाली और न्यायालयीन कार्यों में उनके व्यावहारिक उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
द्वितीय सत्र में NJDG, e-Court Services, e-Filing, Video Conferencing एवं Hybrid Hearings तथा FASTER से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ न्यायालयीन कार्यों में इन सेवाओं की उपयोगिता और कार्यप्रणाली को भी समझाया गया।
उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के कम्प्यूटर सेल की ओर से श्री प्रिंस कश्यप, कम्प्यूटर प्रोग्रामर, श्री आसिफ खान, नेटवर्क इंजीनियर तथा श्री विवेक दुबे, सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम के सुचारु संचालन एवं प्रबंधन में कोर्ट मैनेजर श्री उदयन दुबे एवं श्री प्रमोद अचिन्त्य की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। वहीं, आवश्यक तकनीकी सहयोग श्री तरुण चंद्राकर एवं श्री ऋषि निर्मलकर द्वारा प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला न्यायालय दुर्ग के चयनित न्यायालयीन कर्मचारियों ने सहभागिता की। इनमें श्री आर. आर. मानिकपुरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी तथा श्री नंदकिशोर माटे, डिप्टी सीएफसी सहित आदेशिका लेखक एवं आदेशिका वाहक शामिल रहे। कुल 30 प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण में भाग लेकर डिजिटल न्यायिक प्रणालियों से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य न्यायालयीन कर्मचारियों को न्यायिक कार्यप्रणाली में उपयोग की जा रही नवीनतम सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, ई-कोर्ट सेवाओं तथा डिजिटल न्यायिक प्रणालियों के संबंध में अद्यतन एवं व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था। इससे कर्मचारियों को दैनिक न्यायालयीन कार्यों में तकनीकी संसाधनों का अधिक प्रभावी, सुगम और दक्षतापूर्वक उपयोग करने में सहायता मिलेगी।
जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों ने N-STEP, CIS 4.0, e-Summons, e-Sakshya, NJDG, e-Filing, Virtual Court, Hybrid Hearings और FASTER जैसी महत्वपूर्ण डिजिटल न्यायिक सेवाओं एवं प्रणालियों की कार्यप्रणाली के संबंध में उपयोगी जानकारी प्राप्त की।
